विशाखापट्टनम: लॉकडाउन 3.0 में ढील के बाद खुली थी फैक्ट्री, 33% स्टाफ के साथ शुरू होना था काम

विशाखापट्टनम की जिस फैक्ट्री में जहरीली गैस का रिसाव हुआ है, उसे लॉकडाउन में मिली ढील के बाद खोला जा रहा था. यहां करीब 33 फीसदी स्टाफ के साथ काम शुरू किया जा रहा था.

आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में गुरुवार सुबह एक फैक्ट्री में गैस रिसाव हो गया. इस घटना में अबतक आठ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सौ से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. जिस वक्त गैस का रिसाव हुआ तब फैक्ट्री के आस-पास करीब 2000 लोग थे, जिन्हें अब निकाला जा चुका है. बता दें कि ये फैक्ट्री लॉकडाउन 3.0 में मिली छूट के तहत दोबारा शुरू हुई थी, जिसमें 33 फीसदी स्टाफ को एकत्रित किया गया था.

आरआर वेंकटपुरम में स्थित विशाखा एलजी पॉलिमर कंपनी में हुई गैस लीक के बारे में एनडीआरएफ के डीजी एस एन प्रधान ने कहा कि फैक्ट्री में स्टाइरीन गैस लीक हुई है, जिसकी वजह से ये हादसा हुआ. ये फैक्ट्री लॉकडाउन के बाद खुली थी और उसी रिस्टार्ट करने के क्रम में ये लीकेज की दिक्कत सामने आई है.

एनडीआरएफ के डीजी ने कहा कि तड़के करीब ढाई बजे गैस लीकेज की घटना शुरू हुई थी, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन वहां पहुंचा और एक घंटे के भीतर ही NDRF की टीम पहुंच गई थी. अभी तक 1500 से अधिक लोगों को निकाला जा चुका है.

बता दें कि 3 मई को लॉकडाउन 3.0 की शुरुआत हुई तो देश के अलग-अलग हिस्सों को जोन में बांट दिया गया. विशाखापट्टनम ऑरेंज जोन में आया था, इसलिए यहां 33 फीसदी स्टाफ के साथ काम करने की इजाजत मिल गई थी.

हादसे के बाद फैक्ट्री के आसपास के 5 गांवों को अभी तक खाली करवाया जा चुका है, इसके अलावा सैकड़ों लोगों को अस्पताल में ले जाया गया है.

सुबह दस बजे तक गैस रिसाव खत्म हो गया था, लेकिन अभी भी गांव में लोगों को सांस लेने में तकलीफ और आंख में जलन जैसी शिकायतें आ रही हैं. इस हादसे में अबतक 8 लोगों की मौत हो चुकी है.

इस हादसे के बाद मुख्यमंत्री जगन रेड्डी भी विशाखापट्टनम के लिए रवाना हुए हैं, वहीं दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीएमए की आपात बैठक बुलाई है. बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह शामिल हैं और हालात का जायजा लिया जा रहा है

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